📌 कोलकाता गैंगरेप मामला: विस्तृत जानकारी और निष्कर्ष
कोलकाता में हाल ही में हुए एक गैंगरेप मामले ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया है। यह घटना दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज में एक 24 वर्षीय कानून की छात्रा के साथ हुई, जिसने पिछले साल के आरजी कर मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म और हत्या मामले की दर्दनाक यादें ताजा कर दी हैं।
घटना का विवरण:
* पीड़िता: 24 वर्षीय कानून की छात्रा।
* स्थान: दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज परिसर में सुरक्षा गार्ड का कमरा।
* दिनांक: बुधवार शाम, 25 जून 2025।
* आरोपी:
* मनोजीत मिश्रा (मुख्य आरोपी, पूर्व छात्र नेता और आपराधिक वकील)
* प्रमित मुखर्जी (जूनियर छात्र)
* जैब अहमद (जूनियर छात्र)
* कॉलेज का सुरक्षा गार्ड (गिरफ्तार)
घटनाक्रम:
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया है कि मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा ने शादी का प्रस्ताव ठुकराने के बाद दो अन्य छात्रों के साथ मिलकर उसे कॉलेज परिसर में सुरक्षा गार्ड के कमरे में जबरन ले जाकर गैंगरेप किया। आरोप है कि आरोपियों ने दुष्कर्म का वीडियो भी बनाया और पीड़िता को रिपोर्ट करने पर फुटेज को प्रसारित करने की धमकी दी। जब पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपियों में से एक ने उसे हॉकी स्टिक से मारा। पीड़िता ने अपनी शिकायत में लिखा है कि “मैंने उसके पैर छुए, लेकिन उसने मुझे जाने नहीं दिया। वे (मिश्रा और दो छात्रों) मुझे जबरन गार्ड के कमरे में ले गए, कपड़े उतारे और मेरा बलात्कार किया।”
जांच, गिरफ्तारियां और निष्कर्ष (Findings):
* कोलकाता पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक 5-सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसे बाद में 9 सदस्यों तक बढ़ा दिया गया।
* चारों आरोपियों – मनोजीत मिश्रा, प्रमित मुखर्जी, जैब अहमद और कॉलेज के सुरक्षा गार्ड को गिरफ्तार कर लिया गया है।
* पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से अपराध के वीडियो क्लिप मिले हैं, जो पीड़िता के आरोपों की पुष्टि करते हैं।
* सीसीटीवी फुटेज में पीड़िता को कॉलेज के गेट से गार्ड के कमरे तक जबरन ले जाते हुए देखा गया है, जो पीड़िता के बयानों का समर्थन करता है।
* पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत जैसे बालों के स्ट्रैंड्स, अज्ञात तरल पदार्थ की बोतलें और हॉकी स्टिक बरामद की हैं।
* 26 जून को कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज में हुई मेडिकल जांच में जबरन प्रवेश, दांतों के निशान, नाखूनों के खरोंच और पीड़िता की गर्दन पर घर्षण के निशान मिले हैं, जो यौन उत्पीड़न और शारीरिक हमले का संकेत देते हैं।
मुख्य आरोपी का पिछला रिकॉर्ड:
मनोजीत मिश्रा का एक आपराधिक इतिहास रहा है, जिसमें महिलाओं को परेशान करना, हमला करना, चोरी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शामिल है। वह कथित तौर पर छात्राओं की तस्वीरें मॉर्फ करके व्हाट्सएप ग्रुप में प्रसारित करता था और उन्हें बॉडी-शेम करता था। 2022 में भी एक छात्रा ने उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न, धमकी और रंगदारी का मामला दर्ज कराया था, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। विडंबना यह है कि मनोजीत मिश्रा ने पिछले साल के आरजी कर मामले में दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की थी।
प्रतिक्रिया और विरोध प्रदर्शन:
* इस घटना ने पूरे कोलकाता में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है और शहर भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
* राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया है और त्वरित जांच की मांग की है। आयोग के सदस्य अर्चना मजूमदार ने कॉलेज का दौरा किया और आरोप लगाया कि कुछ छिपाने की कोशिश की जा रही है।
* भाजपा ने पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना की है और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित राज्य है।
* कुछ तृणमूल नेताओं द्वारा पीड़िता पर दिए गए विवादास्पद बयानों पर पार्टी के भीतर ही मतभेद और आलोचना देखने को मिली है।
यह मामला कोलकाता में महिला सुरक्षा और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया से त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और भविष्य में
ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
🧍♀️ पीड़िता की स्थिति
पीड़िता को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मेडिकल जांच में बलात्कार की पुष्टि हुई। पीड़िता अभी भी सदमे में है और काउंसलिंग चल रही है।
🚓 पुलिस जांच और कार्रवाई
- सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की गई।
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
- एक आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
- FIR दर्ज कर IPC की धारा 376D, 365, 506 के तहत केस चल रहा है।
👨⚖️ केस की वर्तमान स्थिति
गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया जहाँ उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में यह भी सामने आया कि घटना पूर्व नियोजित थी।
📢 जनता की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद पूरे शहर में गुस्सा देखने को मिला। कई सामाजिक संगठनों और छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला और महिला सुरक्षा को लेकर आवाज़ उठाई। सोशल मीडिया पर #JusticeForKolkataGirl ट्रेंड करता रहा।
📌 निष्कर्ष (Findings)
- यह घटना दर्शाती है कि महानगरों में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।
- नशीली चीजों का दुरुपयोग और पार्टी कल्चर की आड़ में अपराध बढ़ रहा है।
- सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग जांच में सहायक सिद्ध हुईं।
- पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय रही, परंतु समाज में जागरूकता की सख्त जरूरत है।
- पीड़िताओं के लिए संवेदनशील मेडिकल और कानूनी प्रक्रिया आवश्यक है।